फरीदाबाद । ग्रीनफील्ड्स कॉलोनी के बी ब्लॉक स्थित ऐफ एवेन्यू के निवासियों ने खुद ही पैसा इकठ्ठा कर लगभग 22 लाख रुपए की लागत से सड़क निर्माण करवा लिया है। ऐफ एवेन्यू मार्ग ग्रीनफील्डस कॉलोनी का एक अत्यंत ही प्रमुख मार्ग है जोकि कई वर्षों से बहुत दयनीय और जर्जर स्तिथि में था । टूटी सड़क के कारण यहां लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया था । हर समय धूल का गुबार छाया रहता था और सांस लेना मुश्किल हो गया था ।
पिछले कई वर्षों से यहां के पीड़ित निवासीगण यहाँ के शासन व प्रशासन से इस जर्जर सड़क के निर्माण की गुहार लगा रहे थे लेकिन कहीं से कोई भी राहत नहीं मिली है। अब त्रस्त होकर इस मार्ग पर रह रहे लगभग 150 परिवारों ने किसी के भरोसे न रहा कर,अपनी जेब से ही करीब 22 लाख रुपए एकत्रित करके RMC सड़क का निर्माण करवाया है। यह सड़क करीब 320 मीटर लंबी है।
ग्रीनफील्डस निवासियों ने कहा किसी के भरोसे रहना है बेकार :
वार्ता के दौरान पीड़ित ग्रीनफील्डस निवासियों ने बताया कि वह ग्रीनफील्डस कॉलोनी में अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जब यहाँ निवासियों को अपने निजी पैसे से ही सड़क बनानी हैं तो यहाँ झूठे आश्वासन और झूठे वादे क्यों दिए जाते हैं और क्यों बड़ी बड़ी बातें करके दिखावा किया जाता हैं।
एक वरिष्ठ ग्रीनफील्ड्स निवासी ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि “वह पिछले एक दशक से इस सड़क को बनवाने के लिए जगह जगह भटकते रहे और चक्कर काटते रहे लेकिन किसी ने भी पीड़ित परिवारों की मदद नहीं की तो फिर मजबूरी में हम निवासियों ने अपनी जेब से ही पैसा देकर इस जर्जर सड़क को बनवा लिया है। ग्रीनफील्डस कॉलोनी में हर जगह ही बुरा हाल है । टूटी सड़कें, उड़ती हुई धूल और चारों तरफ व्याप्त गंदगी के चलते यहाँ के निवासी नरकीय हालातों में जीवन जीने के लिए मजबूर हो रहे हैं । मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स, केंद्रीय सरकार, व राज्य सरकार को हम भारतीय निवासियों के साथ किये जा रहे दोहन और अन्याय पर ध्यान देना चाहिए ।”

2 replies on “ग्रीनफील्ड्स कोलोनीवासियों ने अपने पैसे एकत्रित कर खुद ही करवाया 22 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य। सभी बड़े – बड़े वादे हुए फेल।”
Vadey sabhi karkey chaley jatey he pardhan jibhe to parshad hogey jab bhe kam nahi ho raha
Gate no 10 की सड़क की हालत इससे ज़्यादा बत्तर है / साहब जी ने बड़े बड़े शोरूम का उद्घाटन भी किया था वंहा लेकिन सड़क की क़िस्मत अभी तक भी नहीं जगी । कुछ और लिखा तो पता नहीं कोन कोन से केस लग जायेगे